केतकी का फूल शिव को अप्रिय क्यों है

दोस्तों सावन का महीना आते ही शिव भक्त पूजा अर्चना में लग जाते है भगवान के भक्त प्रभु को प्रसन्न करने के लिए अनेकों जतन करते हैं उनकी पसंदीदा सामग्री को चढ़ा ना वैसे भी सावन में भगवान शिव अपने रूद्र अवतार में संसार की रक्षा करते हैं तो भगवान रूद्र शंकर जी का स्वभाव थोड़ा सख्त होता वह जल्दी नाराज भी होते हैं और प्रसन्न भी

वैसे भगवान भोले भंडारी बड़े भोले है लेकिन दोस्तों एक ऐसा पुष्प है जो शिव जी को पसन्द नहीं है शिव जी की पूजा में वर्जित है वो पुष्प केतकी का है जो व्यक्ति केतकी का फूल शिव को चढ़ा ते है भगवान भगवान शिव उनकी मनोकामना पूर्ण नहीं करते हैं इसलिए हमें ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए इससे भगवान प्रसन्न न हो

लेकिन ऐसा क्यों है यही बात दिमाग में आ रही होगी

शिव पुराण में इसका वर्णन किया गया है

एक बार ब्रह्मा जी और विष्णु जी केसाथ आपस में बहस होने लगी दोनों ही अपनी अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करने में लगे थे

ब्रह्मा जी ने अपने आपको सृष्टि का रचइता बताते हुए अपने आप को श्रेष्ठ होने का दावा किया तो विष्णु जी ने अपने आपक को जगत का पालन हार बताते हुए श्रेष्ठ होने का दावा किया उन दोनों की बातचीत के दौरान एक विशाल काय शिव लिग प्रगट हुआ उस लिंग को देखकर दोनों देवताओं ने आपसी सहमती से यह निश्चित किया की विशाल काय शिव लिंग के आखिरी छोर को जो पहले खोज लेगा वही श्रेष्ठ है दोनों देवताओं ने विपरित दिशा में प्रस्थान किया और थोड़ी देर के बाद ही दोनों लौट आए छोर न मिलने के कारण लेकिन ब्रह्मा जी ने कहा कि मुझे आखिरी छोर मिल गया था और केतकी के पुष्प को साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया

केतकी ने ब्रह्मा जी का पक्ष लिया और सही ठहराया यह देख कर

शिव प्रकट हो कर ब्रह्मा जी की आलोचना की दोनों देवताओं ने शिव की आराधना की शिव वोले मै ही सृष्टि का सृजन हू तुम दोनों का उत्पत्ति कर्ता और स्वामी मै अंत भी हू और आरंभ भी और भगवान शिव ने केतकी को झूठ बोलने का दंड दिया और दंड स्वरूप यह कहा कि मेरी पूजा मे केतकी का फूल कभी भी सामिल नही होगा जो केतकी के फूल से मेरी पूजा करेगा उसे मेरी कृपा दृष्टि नहीं प्राप्त होगी

तो दोस्तों झूठ बोलने से केतकी का फूल शापित हो गया कुछ समझ आया यानि भोले भंडारी को झूठ झूठ बोलने वाले अप्रिय है इसलिए झूठ का सहारा लेकर अपने आप को कभी भी साबित नहीं कर ना चाहिए

दोस्तों यह पोस्ट आप को कैसी लगी कॄपया अपनी प्रक्रिया जरूर दे 🙏

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2 Thoughts to “केतकी का फूल शिव को अप्रिय क्यों है”

  1. Fbialal

    ✺◟( ͡° ͜ʖ ͡°)◞✺😄😄

  2. Good post. I certainly appreciate this website. Continue the good work!

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